क्या अमेरिका के भी किसान करते है?... भारतीय किसान की तरह आत्महत्या........
क्या अमेरिका के भी किसान करते है ?.... भारतीय किसान की तरह आत्महत्या
………… किसान क्यों होता जा रहा कमजोर …………………
इन सवा सो करोड़ की जनसख्या में आज भी इस देश के ३७%युवा किसान है या फिर बनते जा रहे है ! इसका दो कारण हो सकता है पहला देश के अंदर बढ़ रहे बेरोजगारी , दूसरा शिक्षा का अभाव, हम आज जो मुद्दा पर बात करने जा रहे है वो कही इन मुद्दो से हटकर है .....!
...................... केंद्र सरकार को चाहिए कि दे उन्हें भी आरक्षण। ………'
जय जवान ,जय किसान का नारा तो लगा इस देश में.।लेकिन क्या किसान खुद या फिर उनके बच्चे का भवष्यि हो पाया सुरक्षित? कही हद तक तो जवानो के बार में सोचा जाये तो ठीक भी है. मगर कितने % बच्चे किसान के पढ़ते अच्छे स्कूलों में। ……?
आज मेट्रो से ऑफिस को जा रहा था , तभी अचानक ही नज़र अख़बार के एक पेज पर जा लगी ! जहां उत्तरप्रदेश में किसानो ने आत्म हत्या कर ली है ! समझ अब ये नही आता की जो खुद औरो को निवाला खिलता है , वो आज निवाला के लिए मोहताज़ क्यों?
इन सवा सो करोड़ की जनसख्या में आज भी इस देश के ३७%युवा किसान है या फिर बनते जा रहे है ! इसका दो कारण हो सकता है पहला देश के अंदर बढ़ रहे बेरोजगारी , दूसरा शिक्षा का अभाव, हम आज जो मुद्दा पर बात करने जा रहे है वो कही इन मुद्दो से हटकर है .....!
जब मै करीब सात साल का था तब से सुनता आ रहा हुँ !…………… कि आज हरियाणा में एक किसान ने फांसी लगा लिया तो कल पंजाब में आखिर क्यों? कब होगे इस देश के किसान आत्म निर्भर ? बहाने बहुत होगी सरकार के पास जब उनसे ये पूछा जाये …… क्योकि इंडिया में काम हो या न हो … कागज के मामला में ये देश बहुत आगे है ! मुझे पता है सरकार के पास इसका जवाब है !उतना ही नही.…………… किसी टीवी पर डिबेट हो जायेगा ।तो किसी अख़बार के सम्पादिकिय पेज पर किसी बड़े पत्रकार या लेखक के लेख छाप दिए जायेगे! और अंत में कह दिया जायेगा ये की लेखक के अपने विचार है ! ये नियम कही पुराना तो नही हो गया!
इतना नहीं मोदी जी की ''मन की बात'' भी सुने " .... कहीं चर्चा भी हुई होगी ! अब मेरा सवाल यहाँ आकर खत्म हो जाता है। .......क्या अमेरिका के किसान भी भारत के किसानो की तरह आत्म हत्या करते है?
अगर हां तो ठीक है.…………। अगर नही तो क्या कारण है ? शायद प्रधानमंत्री जी कभी इन मुद्दो पर सोचेगे? कितने बार हमारे देश के किसानो को दूसरे देश में ले जाया जाता ट्रेनिंग के लिए ……………
शायद जवाब न हो इनका सरकार के पास.………………। लिखने और बोलने के लिए बहुत कुछ है पर क्या फायदा इस देश में लिखकर…बहुत सरे लाइक मिल जायेगे और शेयर भी हो जायेगा । पर न उठेगी आवाज़। ......................

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