आपने कहा और मैंने लिखा -
आपने कहा और मैंने लिखा -
अकल कितनी भी तेज ह़ो नसीब के बिना नही जित सकती , बिरबल काफी अकलमंद होने के बावजूद.. कभी बादशाह नही बन सका ।
जब गलती अपनी हो तो हमसे बड़ा कोई वकील नहीं जब गलती दूसरों की हो तो हमसे बड़ा कोई जज नहीं
ऐ खुदा करना क़ुबूल हर दुआ मेरी तेरी रहमत से है मेरी जिंदगी वरना मैँ मैँ" नहीं ना करो क़ुबूल अरज़ मेरी तो भी कोई गिला नहीं
बाहर से सख़्त अंदर से नरम देती हर स्वप्न को आकार भरती रंग जीवन में सारे माँ और धरा ऐसी ही होती है शत शत नमन उनको हर बार
अकल कितनी भी तेज ह़ो नसीब के बिना नही जित सकती , बिरबल काफी अकलमंद होने के बावजूद.. कभी बादशाह नही बन सका ।
जब गलती अपनी हो तो हमसे बड़ा कोई वकील नहीं जब गलती दूसरों की हो तो हमसे बड़ा कोई जज नहीं
ऐ खुदा करना क़ुबूल हर दुआ मेरी तेरी रहमत से है मेरी जिंदगी वरना मैँ मैँ" नहीं ना करो क़ुबूल अरज़ मेरी तो भी कोई गिला नहीं
बाहर से सख़्त अंदर से नरम देती हर स्वप्न को आकार भरती रंग जीवन में सारे माँ और धरा ऐसी ही होती है शत शत नमन उनको हर बार

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