सत्ता का लोभ आदमी को बुरा वक़्त दिखा ही देता है
शायद यह पंक्त्ति डेल्ही नरेश पर ठीक ही बैठता हैं। जिस उम्मीद से दिल्ली के जनता ने अरविन्द केजरीवाल के टीम को वोट दिया। उस पर आज केजरीवाल की टीम खड़े उतरते नही दिख रही है। अफ़सोस होगा इन दिल्ली वासियो को अपने भूल पर, सोच जरूर होगे। क्या हमने यह गलती दोबारा तो नही कर दी। खैर मुझसे कही ज्यादा दिल्लीवाले समझदार हैं। सोचनेवाली बात यह है कि चुनाव से पहले यह सभी एक दूसरे को भाई समझते थे। तो आज क्या हो गया? कहि यह सब सत्ता प्रेमी तो न हो गये। यह बात भी बहुत जल्दी सामने आनेवाली है। फिर वो कहते है जिसकी रसी उसकी भैंस।


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