दिल्ली सरकार कसौटी पर खरी नहीं उतरी - राष्ट्रवादी शिवसेना


 दिल्ली की जनता ने आम आदमी पार्टी की सरकार को जिन उद्देश्यों एवं अपेक्षाओं को लेकर चुना था, आज ‘आप’ कहीं भी सही उतरती नजर नहीं आ रही। 
राष्ट्रवादी शिवसेना के अध्यक्ष श्री जयभगवान गोयल ने कहा कि दिल्ली के आम नागरिक आज अपने बच्चों को स्कूलों में दाखिल करवाने के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। विशेषकर नर्सरी अथवा के.जी. क्लास में दाखिला करवाना एक बड़ी जंग जीतने से कम नहीं। यहीं स्थिति पूर्व की कांग्रेस सरकार के समय भी थी। दिल्ली की जनता ने स्कूलों की तानाशाही एवं खुली लूट-खसूट से तंग आकर ‘आप’ को चुना लेकिन आप सरकार व पार्टी परस्पर लड़ने-झगड़ने व आम जनता के दुःख तकलीफों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही। इसी कारण दिल्ली की जनता स्वयं को ठगा महसूस करते हुए ऐसी पार्टी को भारी बहुमत देने से शर्मिंदा हो रही है। 
श्री गोयल ने कहा कि स्कूलों में दाखिला एक ज्वलंत समस्या बन गयी है। लाखों रुपए की खुली मांग स्कूल प्रबंधन प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से मांग रहे हैं। बिल्डिंग फंड और कभी ऐनुअल फंड के लिए मोटी रकम मांगना स्कूल अपना अधिकार समझ रहे हैं। चुनाव से पूर्व केजरीवाल जी व सिसोदिया जी ने दिल्ली की जनता को स्कूलों के विरूद्ध कदम उठाने व सरलतापूर्वक दाखिले के सब्जबाग दिखाए थे, वे कहीं लुप्त हो चुके प्रतीत हो रहे हैं। स्कूलों में दाखिले के लिए कोई कारगर नीति की घोषणा दिल्ली सरकार क्यों नहीं कर पा रही, यह समझ से बाहर है। 
श्री गोयल ने चेतावनी दी कि यदि किसी स्कूल की ओर से मात्र फंड की आड़ मंे एडमिशन रोकने की कोई जानकारी उनके संगठन को मिली तो ऐसे स्कूलों के विरूद्ध हम स्वयं सीधी कार्रवाई कर उनका भंडा फोड़ करेंगे।

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