दादरी में अखलाक की हत्या 'बीजेपी की सोची-समझी राजनीती का हिस्सा' : अखिलेश यादव
दादरी के बिसहाड़ा गांव में भीड़ द्वारा मोहम्मद अखलाक का कत्ल किए जाने के बाद,एक निजी न्यूज़ चैनल को दिये इंटरव्यू में कहा कि उन्हें इस बात पर यकीन नहीं है कि अखलाक पर हमला अचानक किया गया।
उनकी सरकार द्वारा की गई प्राथमिक जांच का हवाला देते हुए अखिलेश यादव ने कहा, "तथ्य बताते है कि दादरी में जो कुछ हुआ, वह बीजेपी और उससे जुड़े लोगों की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था...इस इंटरव्यू के दौरान अखिलेश यादव ने पहली बार विपक्षी पार्टियों के उन आरोपों का भी जवाब दिया, जिनमें कहा जाता रहा है कि समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यकों के वोट पाने के लिए बीजेपी की ध्रुवीकरण की कथित कोशिशों का ढके-छिपे ढंग से समर्थन कर रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा, "मुज़फ्फरनगर के दंगों से किसे फायदा हुआ...? बीजेपी और उसके सहयोगी 73 सीटें (पिछले वर्ष के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में) जीत गए... समाजवादी पार्टी को सिर्फ पांच सीटें मिलीं, जबकि 2004 में हमारे पास 39 सीटें थीं... यूपी में बीजेपी के पास सबसे ज़्यादा सांसद हैं... मुझे लगता है कि यूपी में तनाव पैदा करने के लिए बीजेपी के पास हर स्तर पर रणनीति तैयार है..."
गौरतलब है कि दादरी में 28 सितंबर को यह अफवाह फैल गई कि मोहम्मद अखलाक ने बछड़ा काटा, उसका मांस घर में रखा भी और खाया भी। इसके बाद लगभग 100 से ज़्यादा लोगों की भीड़ ने उसके घर पर हमला कर दिया और अखलाक की हत्या कर दी। इसके बाद माहौल ने गोहत्या के मुद्दे पर राजनैतिक रंग ले लिया, और बीजेपी के कई नेताओं ने इलाके का दौरा कर विवादास्पद भाषण दिए।

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