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दिव्यम की कलम से
सत्य हार जाये , असत्य हैं।
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फ़रवरी 12, 2016
हैं तेरा भी, इस शहर में कोई ख्याल रखनेवाला
हैं तेरा भी, इस शहर में कोई ख्याल रखनेवाला
वरना ,इस तरह तू शहर में घुमा नही करता। ।
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