बहुत हुआ प्रधानमंत्री जी ,अब कुछ देश का भी काम कर लीजिये

मनमोहन सिंह  तो देश के चुप प्रधानमंत्री थे ,पर जो वर्तमान के प्रधानमंत्री है उनमे क्या अंतर है ,मुझे समझ में नहीं आ रहा ,
उस टाइम भी बेरोजारी ,अभी उसे कई गुना ज्यादा बेरोजगारी 
ब्रांडिंग में हर कोई लगा है ,सिर  उस समय भी सैनिक कटता था , आज भी कट रहा 
पहले चुप प्रधानमंत्री थे ,अभी के  बहरे ,क्योकि ये बोलते है ,
कांग्रेस  के टाइम घोटाला हुआ ,तो उन पैसो को सरकार क्यों नहीं ला पा  रही है ?
पैसा जाने में इस देश टाइम नहीं लगता ,पर लाने इतना  है ?
देश की राजनीती क्रिकेट मैच की तरह हो गयी है? जैसे क्रिकेट में एक बार बल्ला चमक उठा और खिलाड़ी रातो रात  कई करोड़ का मालिक बन जाता है ,ठीक उसी तरह आज नेता संसद ,या ु कहे एक प्रधान भी बन गया ,तो कई करोड़ का मालिक बन जाता है !
तो बताये मीडिया। 
.सरकार से पूछकर की घोटाला का पैसा कब मिल रहा है ?
विजय माल्या कब आ रहा है ?


टिप्पणियाँ